क्रिप्टोकरेंसी, फॉरेक्स ट्रेडिंग और अन्य वित्तीय बाजारों में 'निश्चित और आकर्षक मुनाफे' का लालच देकर आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने का एक और बड़ा मामला सामने आया है। ताजा मामला 'Growwin Capital' नाम से संचालित एक निजी निवेश प्लेटफॉर्म का है, जहां निवेशकों के करोड़ों रुपये अटकने और डूबने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
ऊंचे और निश्चित रिटर्न का मायाजाल
प्राप्त जानकारियों के अनुसार, Growwin Capital ने खुद को एक आधुनिक और सुरक्षित एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया था। कंपनी आम नागरिकों और छोटे निवेशकों से भारी मात्रा में फंड जुटाती थी। निवेशकों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि उनकी पूंजी को हाई-लिक्विडिटी मार्केट्स, जैसे कि इंटरनेशनल फॉरेक्स, क्रिप्टोकरेंसीज और अन्य डेरिवेटिव वित्तीय उत्पादों में ट्रेड किया जाएगा।
आरोप है कि निवेशकों को लुभाने के लिए कंपनी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट, ब्रोशर और सोशल मीडिया पर कई तरह के 'इन्वेस्टमेंट पैकेट्स' लिस्ट कर रखे थे। इनमें बिना किसी बाजार जोखिम के नियमित मासिक रिटर्न (Guaranteed Monthly ROI) देने का लिखित वादा किया जाता था। शुरुआत में कुछ निवेशकों को कथित मुनाफा समय पर दिखाकर उनका विश्वास जीता गया, जिसके बाद लोगों ने अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और रिश्तेदारों के पैसे भी इस प्लेटफॉर्म में झोंक दिए।
अचानक संपर्क से बाहर हुए संचालक
हाल ही में जब निवेशकों ने अपनी मूल पूंजी (Principal Amount) या नियमित पे-आउट की मांग शुरू की, तो सिस्टम में तकनीकी खराबी और विड्रॉल प्रोसेस में रुकावट का बहाना बनाया जाने लगा। इसके कुछ ही समय बाद Growwin Capital के मुख्य कर्ताधर्ता, डायरेक्टर्स और प्रमोटर्स अपने सभी आधिकारिक पतों और फोन नंबरों से गायब हो गए।
स्थानीय कार्यालयों पर ताले लटके देख निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। अब पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के प्रमुख लोग फंड समेटकर फरार हो चुके हैं। प्राथमिक आकलनों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में लगभग ₹12 करोड़ की राशि फंसे होने की बात सामने आ रही है।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच का दायरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों द्वारा संबंधित पुलिस थानों और साइबर क्राइम सेल में शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि पुलिस ने कंपनी के निदेशकों, फाउंडर्स और उनसे जुड़े एजेंटों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस बैंक खातों, क्रिप्टो वॉलेट्स और ट्रांजेक्शन ट्रेल को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि निवेशकों का पैसा कहां ट्रांसफर किया गया है।
अनरेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स और निवेशकों के लिए सबक
यह घटना देश में तेजी से पैर पसार रहे अनरेगुलेटेड पोंजी स्कीम्स और फर्जी ट्रेडिंग नेटवर्क्स की हकीकत को फिर उजागर करती है। भारतीय वित्तीय नियामक स्पष्ट करते हैं कि शेयर बाजार या क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे बाजारों में कोई भी प्लेटफॉर्म वैध रूप से 'गारंटीड' या 'फिक्स्ड' रिटर्न का वादा नहीं कर सकता।
Disclaimer: इस मामले में उल्लिखित ₹12 करोड़ की राशि, संस्थापकों के फरार होने और पुलिसिया धरपकड़ से जुड़े सभी विवरण पीड़ितों द्वारा लगाए गए आरोपों और प्राथमिक दावों पर आधारित हैं। इस संबंध में आधिकारिक पुलिस चार्जशीट, न्यायिक आदेश या स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।
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